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शिर्डी :
श्री साईबाबा व श्री साईबाबा संस्थान विषयी विविध समाजमाध्यमांतून आक्षेपार्ह विधाने करणारे गौतम खट्टर यांनी आज राहाता न्यायालयात हजर राहून आपली चूक मान्य केली आहे. त्यांनी न्यायालयासमोर नमूद केले की, “श्री साईबाबा व श्री साईबाबा संस्थानबाबत असलेले गैरसमज माझे दूर झाले असून, यापुढे मी कोणतेही चुकीचे वक्तव्य, मुलाखत, चर्चा किंवा भाष्य करणार नाही.”
सन २०२३ मध्ये श्री साईबाबांविषयी करण्यात आलेल्या आक्षेपार्ह विधानांच्या पार्श्वभूमीवर, श्री साईबाबा संस्थानने अशा प्रकारची विधाने करणाऱ्या व्यक्तींविरुद्ध राहाता येथील न्यायालयात कायदेशीर दावा दाखल केला होता, ज्यामध्ये अजय गौतम व गौतम खट्टर यांचा समावेश होता. त्‍यापैकी अजय गौतम यांनी मागील वर्षी नोव्‍हेंबर महिन्‍यात आपली चुक मान्‍य करुन मा. राहाता न्‍यायालयात माफीनामा सादर केला होता. याचप्रकारे गौतम खट्टर यांचेही गैरसमज दूर झाल्याने, आज त्यांनी न्यायालयात स्पष्ट केले की त्यांच्या पूर्वीच्या विधानांचा आधार हा अपुऱ्या माहितीतून झालेल्या गैरसमजांवर होता.
यावेळी आयोजित पत्रकार परिषदेत गौतम खट्टर यांनी आपल्या वक्तव्याबद्दल खेद व्यक्त केला. या संपूर्ण प्रक्रियेत संस्थानचे माजी विश्वस्त श्री मोहन जयकर, विधी अधिकारी गोरक्षनाथ नलगे व राहाता न्‍यायालयाचे वकिल अॅड. राजेश नाईक यांनी समन्वय साधला.

शिर्डी: श्री साईबाबा और श्री साईबाबा संस्थान के बारे में विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले गौतम खट्टर ने आज राहाता अदालत में उपस्थित होकर अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि, "श्री साईबाबा और श्री साईबाबा संस्थान को लेकर मेरी गलतफहमियां दूर हो गई हैं, और भविष्य में मैं ऐसा कोई भी गलत बयान, साक्षात्कार, चर्चा या टिप्पणी नहीं करूँगा।"

वर्ष 2023 में श्री साईबाबा के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयानों के मद्देनजर, श्री साईबाबा संस्थान ने ऐसा बयान देने वाले लोगों के खिलाफ राहाता की अदालत में कानूनी मुकदमा दायर किया था, जिसमें अजय गौतम और गौतम खट्टर शामिल थे। उनमें से अजय गौतम ने पिछले साल नवंबर महीने में अपनी गलती स्वीकार करते हुए माननीय राहाता अदालत में माफीनामा पेश किया था। इसी तरह, गौतम खट्टर की भी गलतफहमियां दूर होने के बाद, आज उन्होंने अदालत में स्पष्ट किया कि उनके पिछले बयानों का आधार अधूरी जानकारी से पैदा हुई गलतफहमियां थीं।

इस अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में गौतम खट्टर ने अपने बयानों पर खेद व्यक्त किया। इस पूरी प्रक्रिया में संस्थान के पूर्व ट्रस्टी श्री मोहन जयकर, कानूनी अधिकारी गोरक्षनाथ नलगे और राहाता अदालत के वकील एडवोकेट राजेश नाईक ने समन्वय (तालमेल) स्थापित किया।

Shirdi: Gautam Khattar, who made objectionable remarks about Shri Saibaba and Shri Saibaba Sansthan on various social media platforms, appeared in the Rahata court today and admitted his mistake. He stated before the court, "My misconceptions regarding Shri Saibaba and Shri Saibaba Sansthan have been cleared, and henceforth, I will not make any wrong statements, interviews, discussions, or commentary."

In the wake of objectionable statements made about Shri Saibaba in the year 2023, the Shri Saibaba Sansthan filed a legal suit in the Rahata court against the individuals making such remarks, which included Ajay Gautam and Gautam Khattar. Among them, Ajay Gautam had admitted his mistake last year in the month of November and submitted an apology letter to the Hon. Rahata Court. Similarly, after Gautam Khattar's misconceptions were cleared, he clarified in the court today that his earlier statements were based on misunderstandings arising from incomplete information.

Speaking at a press conference organized on this occasion, Gautam Khattar expressed regret over his statements. Former trustee of the Sansthan Shri Mohan Jayakar, Legal Officer Gorakshanath Nalage, and Rahata court counsel Adv. Rajesh Naik coordinated this entire process.

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