शिर्डी:-
श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्तव्यवस्था, शिर्डी नाट्य रसिक मंच, शिर्डी आणि शिर्डी ग्रामस्थ यांच्या संयुक्त विद्यमाने दिनांक १३ ऑगस्ट, २०२६ रोजी सुरु झालेल्या पारायण सोहळयाची सांगता आज ह.भ.प. सौ. राधिका कालेकर, कोल्हापुर यांचे गोपाळकाला कीर्तनानंतर दहीहंडी फोडून झाली.
दिनांक २० ऑगस्ट पर्यंत चाललेल्या या पारायण सोहळयामध्ये शिर्डी व पंचक्रोशितील सुमारे ८ हजार २०० पारायणार्थी सहभागी झाले होते. काल दिनांक २० ऑगस्ट रोजी सकाळी अध्याय क्रमांक ५३ (अवतरणिका) वाचन होवुन, ग्रंथ समाप्ती झाली. त्यानंतर श्री साईसच्चरित या पवित्र ग्रंथाची पुजा संस्थानचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर व त्यांच्या सुविद्य पत्नी सौ. वंदना गाडीलकर यांचे हस्ते करणेत आली. त्यानंतर दुपारी ०२.०० वाजता श्री साईसच्चरित पारायण समाप्तीच्या मिरवणुकीमध्ये पारंपारीक संबळ वाद्यांचे १०-१२ पथके, श्री देव कुडाळेश्वर मित्र मंडळ, कुडाळ यांचे ३ धार्मिक देखाव्यांचे चित्ररथ व विषेश आकर्षण रंजीनी आर्टस, मालाप्पुरा, केरळ यांचे पारंपारिक वाद्य व दाक्षिणात्य नृत्यासह विविध सोंगे आदींचा समावेश होता.
तर, आज सकाळी १० ते १२ यावेळेत ह.भ.प. सौ. राधिका कालेकर, कोल्हापुर यांचे गोपाळकाला कीर्तनानंतर दहीहंडी फोडून पारायण सोहळ्याची सांगता करण्यात आली. यावेळी संस्थानचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर, मंदीर प्रमुख विष्णु थोरात, संक्षण अधिकारी रोहीदास माळी, नाट्य रसिक मंचाचे पदाधिकारी आदींसह पारायणार्थी व ग्रामस्थ मोठया संख्येने उपस्थित होते. त्यानंतर दुपारी १२.३० ते ०४.०० यावेळेत महाप्रसादाचा कार्यक्रम झाला. तर, सायं.०७.३० ते ०९.३० यावेळेत ह.भ.प. सौ. राधिका कालेकर, कोल्हापुर यांचे भारुड कार्यक्रम होईल.
Shirdi:-
Under the joint aegis of Shri Saibaba Sansthan Trust, Shirdi Natya Rasik Manch, and the residents of Shirdi, the Parayan ceremony that commenced on August 13, 2026, concluded today following the Gopalkala Kirtan by H.B.P. Mrs. Radhika Kalekar (Kolhapur) and the breaking of the Dahi Handi.
Around 8,200 participants from Shirdi and surrounding areas took part in this Parayan ceremony, which continued until August 20. Yesterday, on August 20, the recitation of Chapter 53 (Avatarnika) took place in the morning, marking the conclusion of the holy book. Following this, the ceremonial worship (puja) of the holy scripture Shri Sai Satcharitra was performed by Goraksha Gadilkar, Chief Executive Officer of the Sansthan, and his wife, Mrs. Vandana Gadilkar. Later, at 2:00 PM, a grand concluding procession of Shri Sai Satcharitra Parayan was held, featuring 10–12 traditional Sambal instrument troupes, 3 religious floats by Shri Dev Kudaleshwar Mitra Mandal (Kudal), and a special attraction by Ranjini Arts (Malappuram, Kerala) showcasing traditional instruments, South Indian dances, and various cultural character portrayals.
Today, between 10:00 AM and 12:00 PM, the Parayan ceremony concluded with the breaking of the Dahi Handi after the Gopalkala Kirtan by H.B.P. Mrs. Radhika Kalekar (Kolhapur). Present on the occasion were Sansthan Chief Executive Officer Goraksha Gadilkar, Temple Chief Vishnu Thorat, Security Officer Rohidas Mali, office bearers of Natya Rasik Manch, along with a large gathering of devotees and villagers. A Mahaprasad distribution was organized between 12:30 PM and 4:00 PM, followed by a Bharud performance by H.B.P. Mrs. Radhika Kalekar (Kolhapur) scheduled from 7:30 PM to 9:30 PM.
Hindi Translation (हिंदी अनुवाद)
शिर्डी:-
श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्त व्यवस्था, शिर्डी नाट्य रसिक मंच, शिर्डी तथा शिर्डी ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 13 अगस्त, 2026 को शुरू हुए पारायण समारोह का समापन आज ह.भ.प. श्रीमती राधिका कालेकर (कोल्हापुर) के गोपालकाला कीर्तन के उपरांत दही हांडी फोड़कर हुआ।
दिनांक 20 अगस्त तक चले इस पारायण समारोह में शिर्डी और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 8,200 पारायणार्थी शामिल हुए थे। कल दिनांक 20 अगस्त को सुबह अध्याय क्रमांक 53 (अवतरणिका) का पाठ होने के साथ ही ग्रंथ का समापन हुआ। तत्पश्चात पवित्र ग्रंथ श्री साईसच्चरित्र का पूजन संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वंदना गाडीलकर के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इसके बाद दोपहर 02:00 बजे श्री साईसच्चरित्र पारायण समापन की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पारंपरिक संबल वाद्य की 10-12 मंडलियां, श्री देव कुडालेश्वर मित्र मंडल (कुडाल) की 3 धार्मिक झांकियां और विशेष आकर्षण के रूप में रंजिनी आर्ट्स (मलप्पुरम, केरल) के पारंपरिक वाद्य, दक्षिण भारतीय नृत्य तथा विभिन्न स्वांग शामिल थे।
वहीं आज सुबह 10 से 12 बजे के बीच ह.भ.प. श्रीमती राधिका कालेकर (कोल्हापुर) के गोपालकाला कीर्तन के पश्चात दही हांडी फोड़कर पारायण समारोह का समापन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर, मंदिर प्रमुख विष्णु थोरात, सुरक्षा अधिकारी रोहिदास माली, नाट्य रसिक मंच के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में पारायणार्थी और ग्रामवासी उपस्थित थे। तत्पश्चात दोपहर 12:30 से 04:00 बजे तक महाप्रसाद का कार्यक्रम हुआ, जबकि शाम 07:30 से 09:30 बजे तक ह.भ.प. श्रीमती राधिका कालेकर (कोल्हापुर) का भारुड कार्यक्रम आयोजित होगा।




